तहसील शाहगंज में साप्ताहिक बंदी का आदेश बेअसर प्रशासन मौन
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार, काम और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन :डॉ रफीक फारुकी
शिवकुमार प्रजापति✍️
शाहगंज जौनपुर। तहसील में साप्ताहिक बंदी बेअसर हो चुकी है जबकि साप्ताहिक बंदी की मंशा यह है कि व्यापारी व मजदूर को एक दिन का अवकाश मिले उसे उनके कार्य क्षमता में वृद्धि होने के साथ ही काम में गुणवत्ता भी आएगी ।लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है बंदी ना होने से अन्य दुकानदारों को भी दुकान खोलनी पड़ती है। उद्योग व्यापार मंडल भी नजर अंदाज करता दिखाई पड़ता है नगर के व्यवसायी राम अर्जुन ने बताया कि सप्ताह में एक दिन अवकाश न मिलने से उलझन नींद में कमी है, एकाग्रता में कमी, थकान, सुस्ती तनाव, आज की स्थिति बनी रहती है जबकि तहसील शाहगंज का नगरी क्षेत्र एक बड़ा व्यवसायिक व्यापारिक क्षेत्र है जहां पर अंबेडकर नगर, आजमगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर सहित अन्य जिले के व्यापारी व्यापार के लिए आते हैं। यह एक बडा व्यवसायिक व्यापारिक क्षेत्र है जहां पर गल्ला मंडी, मसाला मंडी, सब्जी मंडी, सहित तेल का बड़ा व्यावसायिक क्षेत्र है। शाहगंज तहसील क्षेत्र के खेतासराय में सोमवार, गुरैनी में शनिवार, खुटहन बाजार में सोमवार को साप्ताहिक बंदी का निर्णय है।
जबकि शाहगंज नगर, एक बड़ा व्यवसायिक व्यापारिक क्षेत्र है जहां पर गल्ला मंडी , मसाला मंडी, गुप्ता गली, रामलीला चौक , एराकियाना, घासमंडी चौराहा, पुरानी बाजार विवेकानन्द चौराहा, नई सब्जी मंडी रोड आदि स्थानों पर बड़ी संख्या में व्यापारिक प्रतिष्ठान है जहां पर काफी संख्या में मजदूर काम में लगे रहते हैं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर रफीक फारूकी ने बताया कि मजदूरों को सप्ताह में एक दिन अवकाश मिलने से कई लाभ होते हैं, जिनमें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार, काम और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन, और उत्पादकता में वृद्धि शामिल हैं।
शाहगंज में बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बंदी का निर्णय है। जिसको लेकर विगत कुछ दिनों पूर्व नगर पालिका परिषद शाहगंज की तरफ से संचार लाउडस्पीकर के सूचना भी प्रसारित किया गया था। जबकि बाजार में इसका पालन नहीं किया जा रहा है साप्ताहिक बंदी के दिन सभी दुकान अन्य दुकानों की तरह खुली रहती हैं व्यापारी इंद्रमणि बताते हैं की बंदी का विशेष लाभ यह है कि हम अपने परिवार व निजी कार्यों के लिए एक दिन दे सके यदि सातों दिन काम करेंगे तो मानसिक तनाव बढ़ेगा दुकानदार लालचंद यादव बताते हैं कि इस साप्ताहिक बंदी से लाभ होता है लेकिन जब सभी व्यापारी इसका पालन करें। अधिकांश व्यापारी इसका पालन नहीं करते हैं इसलिए मजबूरी में दुकान खोलना पड़ता है। साप्ताहिक बंदी का नियम शक्ति से लागू होना चाहिए। उसके लागू होने से सभी का फायदा होगा। व्यापारियों की सुविधा के लिए ही साप्ताहिक बंदी का नियम बनाया गया है इसमें श्रम विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते साप्ताहिक बंदी वर्तमान में भी बेअसर है। ज्ञात होगा कि जरूरी वस्तुओं खाने-पीने दवा आदि की दुकानों के अलावा बाकी सभी दुकानें साप्ताहिक बंदी के दिन बंद हो। जिन्हें साप्ताहिक बंदी से छूट चाहिए वह पंजीयन शुल्क के अलावा निर्धारित शुल्क जमा करके छूट हासिल कर सकते हैं।
साप्ताहिक बंदी यह न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए, बल्कि उत्पादकता और काम की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी फायदेमंद है।
डॉ राजकुमार मिश्रा
पूर्व आयुर्वेद चिकित्साधिकारी
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